क्या आपने कोई सपना देखा है, कुछ पाने का, कुछ कर दिखाने का ?

मेरे प्यारे दोस्तों मै आज आप सब से इसी विषय पर बात करने वाला हूं, क्या आप सबने कोई सपना देखा है अपने जीवन को बेहतर बनाने का कुछ बड़ा कर जाने का, दुनिया में नाम कमाने का इत्यादि ।

दोस्तो आज से कुछ समय पहले एक बच्चे ने भी क्रिकेटर बनने का सपना देखा था और उसने अपना सपना साकार भी किया, उसने अपने सपने को इतना जिंदादिली से पूरा किया कि सभी लोग उसे क्रिकेट का भगवान मानने लगे, इसी तरह कई ऐसे लोग है जो सपनों को देखते है और पूरा भी करते है पर हम जैसे कुछ लोग अपने सपने को देखते–देखते इस दुनिया से चले जाते है परन्तु उन्हें पूरा नहीं कर पाते है । आखिर ऐसा क्या कारण है ?

सपनों के ना पूरे होने का कारण

आज आप दिन भर लेट कर सोचते रहिए कि जैसे ही शाम हो मुझे बिना किसी मेहनत के 200 रुपए मिल जाए । कितने % चांस है कि आपको मिल जाएंगे ? मेरे हिसाब से तो एक प्रतिशत भी नहीं, अब चलिए मेहनत की तरफ भी बढ़कर देख लेते है आपके पास हुनर है कि आप किसी भी मोटर का पार्ट खोलकर उसे पूरी तरह ठीक करके असेंबल कर सकते है,और इस कार्य के आपको 2000 रुपए प्रतिदिन मिल सकते है, तो आप क्या करेंगे वहीं ना जो आपको दिन के 2000 रुपए दे सके। अब इसमें एक छोटी सी समस्या और भी है, हमें काम कुछ और आता है और हम काम कुछ और करना शुरू कर देते है यानी कि जहां हमें 2000 कमाने वाला काम आता है वहीं हम 200 वाले के पीछे दौड़ते रहते है दौड़ते रहते है और आखिरी में हो जाते है असफल। जरा सोचिए यदि सचिन तेंदुलकर गाड़ी मैकेनिक होता या इंजिनियर होता तो क्या दुनिया उसे उसके नाम से जान पाती या फिर उसको वहीं सम्मान मिलता ?

कैसे करे सही रास्ते का चुनाव

सर्वप्रथम तो यह जानना अति आवश्यक है कि हम कर क्या सकते है, हमारे अंदर कितनी क्षमता है, हमारे पास जो हुनर है उसको हम कितना समय दे पाएंगे ? जिस दिन आप इस चीज को खोज ले गए आपके सफल होने के रास्ते खुल जाएंगे,जीवन का एक ही मंत्र है जिसने खुद को जीत लिया उसने जग को जीत लिया, पहला चरण खुद को जानो और काम पर लगाओ केवल आप ही एक ऐसे व्यक्ति है जो खुद को काम पर लगा सकते है खुद को सही दिशा दे सकते है, खुद के तरीके निकाल सकते है और खुद का रास्ता बना सकते है, दुनिया का हर सफल व्यक्ति खुद के किए नए रास्ते के चुनाव से ही आगे बढ़ा है और बढ़ता ही गया है, बाद में उसके साथ कारवां जुड़ता चला गया और वो व्यक्ति सफलता की ओर बढ़ता चला गया ।

काम कैसे करना है ?

दुनिया में जितने भी लोग है उसमे 99% लोग या तो आलसी है या फिर इतना डरते है कि अपना खुद का व्यापार शुरू करने में उनकी फट जाती है, वो बस एक आरामदायक ज़िन्दगी की तलाश में डूबे रहते है और सोचते रहते हैं कि कब भगवान लॉटरी लगाएगा और मेरी ज़िन्दगी बदल जाएगी । ऐसी भावनाओ को त्याग कर आपको आलस के मुंह पर तमाचा मारना पड़ेगा और तैयार होना पड़ेगा कुछ कर दिखाने के लिए, आप सबसे पहले छोटी सी शुरुआत करे और उसमे अपनी जान लगा दे, ध्यान रहे हर बिजनेस , हर बड़ा काम आपके व्यवहार पर निर्भर करता है आप जो भी करे उसमे गुणवत्ता के साथ साथ भावनात्मक जुड़ाव का भी प्रयत्न रखिए जिससे जो व्यक्ति एक बार आपसे जुड़े वो सदा आपसे ही जुड़कर रहे,

काम के दौरान उतार चढ़ाव को कैसे हैंडल करे ?

यदि काम के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी आ जाती है तो सबसे पहले इसके सॉल्यूशन की तरफ बढ़ना चाहिए , बाद में ऐसा क्यों हुआ इस विषय पर काम करना चाहिए,आखिरी में जिस वजह से ऐसा हुआ उस वजह का बारीकी से अध्ययन करना चाहिए और भविष्य में ऐसी कोई समस्या ना हो इसलिए सजग रहना चाहिए, हम सब के लिए भगवान का वरदान है गुस्सा जिसकी वजह से हम लोग काई बार अपना काफी नुकसान कर देते है और अपनी सारी शक्ति को क्षीण कर लेते है, इसलिए इस गुस्से को संभाल कर रखा जाए तो बेहतर होगा वैसे भी गुस्सा कभी भी लाभ देकर नहीं जाता सदैव हानि ही देता है तो जब भी कभी कोई परेशानी पास फटके तो गुस्से को त्यागकर अपना कार्य निपटाए और सजग रहे ।

(जीवन में सफल वहीं हुआ है, जिसने खुद को जीत लिया ।)

(आशीष कुमार शुक्ला )

ज़िंदगी के अलग आयाम

दिन भर काम करके, थक हार कर जब हम घर वापसी करते है तो मन में यही ख़याल आता है कि कुछ देर आराम कर लिया जाए परन्तु तभी उसे याद आता है कि उसने यह कार्य अधूरा छोड़ रखा है उसे पूरा कर ले वरना बड़ा गगड़बड़ हो जाएगा, इसी उधेड़बुन में पूरी ज़िन्दगी निकल जाती है और आखिरी वक़्त में बस यही सोचना रह जाता है कि आखिर क्यों उसने अपनी लाइफ को बिजी रखा, कुछ समय निकालकर जीवन के विशेष पलो का का रसास्वादन कर लेना चाहिए था, पर अब पछताए होत का जब चिडिया चुग गयी खेत वैसे इन सब विषयों पर अधिक चर्चा हेतु ही इस ब्लॉग का जन्म हुआ है वैसे यहाँ पर जीवन के सभी पहलुओं पर चर्चा की जायेगी और इन विषयों पर विशेष ध्यान दिया जायेगा जिससे लोग यहाँ पर जुड़ सके तो चलिए शुरू करते है और आपको फ़्लैश बैक में लेकर चलते है आपके जीवन के कुछ आनंददायक पहलुओं से रूबरू करवाते है जो की आपने अपने बचपन या जवानी में बिताये थे और उनका आनंद लिया था।  

वैसे जरा सोचिये जब आप बचपन में चाय में रोटी डुबो कर खाया करते थे तो क्या स्वाद आता था,यही चीज यदि अब किया जाए तो कैसा लगेगा ?  क्या आप फिर से गिल्ली डंडे के खेल का आनंद लेना चाहेंगे या फिर कंचे की गोली का खेल, इन सभी आयामों को पार करते हुए क्या जब आप अपनी जवानी में प्रेम पत्र लिखकर अपनी प्रियतमा को देने के बाद उसके जवाब का इंतज़ार करते थे तो कैसा अनुभव होता था, धीरे धीरे आप जवानी की दहलीज को पार करते हुए एक जिम्मेदार बाप बने और फिर वहाँ से शुरू हुआ आपके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाला समय धीरे धीरे आपने अपपनी जिम्मेदारियों में फंसकर अपने जीवन का स्वाद लेना बंद  कर दिया  और लग गए अपने जीवन के अखीरी क्षणों को सुधारने में  धीरे धीरे वह क्षण भी आया जब आप अपनी  आखिरी साँस गिन  रहे है और सोच रहे है कि जीवन की व्यस्तता में हमने बहुत से ऐसे पहलुओं पर ध्यान नहीं दिया जिन पर हमें देना चाहिए थे और फिर धीरे धीरे हम सभी इस संसार से विदा ले लेते है और फिर क्या होता है इस बारे में भी जरा गौर कीजिये।  हमारे जाने के बाद हमारी यादे  सिर्फ हमारे परिवार तक सीमित रह जाती हैं या फिर हमारे मोहले या बहुत ज्यादा हुआ तो हमारे शहर वालों तक सीमित रह जाती है।  क्या आप जानते है हमारे द्वारा किये गए कुछ कार्यों से हमें पूरे विश्व में लोगो के दिलो में जगह बनाने का अवसर मिल सकता है।   अभी बने रहिये हमारे साथ और आगे के अपडेट के लिए हमें फॉलो कीजिये।