गोवा जाने का सही समय

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“प्यारे मित्रों नमस्कार”

आज हम गोवा घूमने के विषय में बात करेंगे, इस ब्लॉग में गोवा घूमने के लिए जरूरी सभी चीजों के बारे में विस्तृत रूप से चर्चा होगी, जैसा की आप सब जानते है कही भी जब घूमने फिरने की बात आती है तो सबसे पहले जेहन में यही सवाल उठता है कि वहां जाने का खर्चा क्या होगा? या फिर वहां कैसे जाया जाए ? और सबसे बड़ी बात वहां रहना और खाना किस प्रकार का होगा? हमारे आज के इस ब्लॉग में हम इन्ही विषयों की वृहद जानकारी आप तक पहुचायेंगे।  

गोवा जाने का सबसे बेहतर समय

वैसे तो गोवा में हर समय रंगत रहती है, सदा ही कलरफुल लोग नजर आ जायेंगे, परन्तु गोवा में ज्यादातर ईसाई संस्कृति का बोलबाला है इसलिए सर्दी के सीजन में गोवा में बहुत ज्यादा भीड़ रहती है और क्रिश्मस एवं नए साल के समय गोवा की महंगाई भी बढ़ जाती है इसलिए यदि गोवा सस्ते में घूमना है और खुद से ही सारी बुकिंग करनी है तो इस समय को भूल जाइये क्योकि छोटे-छोटे होटल भी आपको बहुत महंगे में मिलेंगे।

गोवा घूमने के लिए हम इसे तीन सीजन में विभाजित कर सकते है आइये देखते है हमारे लिए क्या बेहरतर रहेगा।

1:-गर्मी का मौसम

गर्मी के समय में गोवा में बहुत तीव्र गर्मी पड़ती है इसे गोवा का ऑफ सीजन भी कहा जाता है, इस समय गोवा में पर्यटकों का आना बिलकुल कम हो जाता है अगर बात की जाये इस समय में गोवा घूमने की तो गोवा घूमने का यह समय बिलकुल ठीक नहीं है, मार्च से लेकर मई महीने तक गोवा में भीषण गर्मी पड़ती है जिससे बहुत से होटल और फ्लाइट ऑपरेटर अपना किराया सस्ता कर देते है, अगर सस्ते पैकेज की बात करे तो इस समय गोवा का पैकेज भी सस्ता हो जाता है, बजट ट्रैवलर इस समय यहाँ आकर गोवा घूमने का लुत्फ़ उठा सकते है।

2:- बारिश का मौसम

गोवा में मानसून सत्र में बहुत जमकर बारिश होती है, बरसात का मौसम यहाँ मई के दुसरे सप्ताह से अक्टूबर तक रहता है, ऐसे में यदि यहाँ घूमने की बात की जाये तो ज्यादातर होटल के कमरे और फ्लाइट की टिकट सस्ती रहती है, परन्तु असली आनंद नहीं मिल पाता, क्योकि भारी बारिश की वजह से ज्यादातर वाटर एक्टिविटी बंद रहती है, पर यदि आपको प्रकृति से प्रेम है और गोवा में एक अलग तरीके का नजारा लेना चाहते है तो यह समय सबसे बढ़िया है इस समय में आपको बहुत से ऐसे उत्सव देखने को मिल जायेंगे जिससे आपका मन गदगद हो उठेगा,गोवा के आस पास के इलाको में भी आप भ्रमण करके गोवा का आनंद ले सकते है।

३:-विंटर सीजन

गोवा ट्रॉपिकल इलाका होने के कारण यहां बहुत ज्यादा सर्दी नहीं पड़ती है गोवा में सर्दियों में तापमान 20-25 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहता है। गोवा में विंटर सीजन दिसंबर से मार्च तक ही होता है। यह गोवा जाने का सबसे अच्छा समय होता है। मॉनसून खत्म हो चुका होता है और वातावरण में उमस बिल्कुल भी नहीं होती है। दिसंबर में गोवा में नया साल और क्रिसमस मनाने के लिए भीड़ उमड़ पड़ती है। आप विंटर सीजन में सनबर्न फेस्टिवल में भी हिस्सा ले सकते हैं।विंटर सीजन में आप सभी वाटर एक्टिविटी का लुत्फ उठा सकते हैं। हालांकि अगर आप गोवा के कल्चर के दिवाने हैं तो आप गोवा में कभी भी जा सकते हैं यहां हमेशा ही जिंदादिल और कलरफुल लोग दिखाई देंगे। विंटर सीजन में सबसे ज्यादा लोग गोवा आते हैं इसलिए इस दौरान होटल और फ्लाइट टिकट महंगी होती है खासतौर पर नए साल और क्रिसमस के दौरान तो गोवा में होटल मिलते ही नहीं है। अगर आप विंटर सीजन में गोवा जाने का प्लान बना रहे हैं तो उसकी तैयारी लगभग 6 महीने पहले कर लेनी चाहिए क्योकि विंटर सीजन में ज्याद लोगो के रुझान होने के कारण ज्यादार बुकिंग भी नहीं हो पाती हैं, ऐसे में गोवा जाने हेतु 6 महीने तैयारी कर लिया जाए तो बेहतर रहता है।

भुट्टे की सबसे बेहतर रेसिपी “भुट्टा वड़ा” जानदार स्वाद ( by busy Life)

भुट्टा खाना हमारे सेहत की दृष्टिकोण से बहुत ही लाभकारी है,  आजकल हर कोई अपनी बेहतर  सेहत के लिए अलग – अलग तरीके अपनाता है ऐसे में आप सभी के लिए सेहत और स्वाद से  भरपूर भुट्टा वड़ा  की रेसिपी  प्रस्तुत है।  

( Bhutta wada ) By Busylife.co.in

सेहत है तो सबकुछ है 

हमारे दैनिक जीवन में हम कई ऐसे कार्य करते है जो हमारे सेहत को आये दिन नुक्सान पहुंचाते रहते है, हम कभी नहीं चाहते की हम बीमार पड़े या फिर हमें कभी भी दवाई खानी पड़े ऐसे में हमें अपने खान-पान और रहन- सहन पर भी विशेष ध्यान देना पड़ेगा ताकि  हम अपने साथ-साथ अपने परिवार की भी रक्षा और सुरक्षा कर सके।  वैसे तो सेहत को सही रखने हेतु कई सारे तरीके हैं परन्तु आज हम एक नयी चीज पर बात करेंगे जो सेहत और स्वाद के लिए बेहद अच्छी मानी गयी है, तो चलिए शुरू करते है।  

मध्य प्रदेश के लोग ऐसे  बनाते है भुट्टा वड़ा 

सामान 

१:- भारतीय मकई की गुठली (1 कप + 1/4 कप)

२:- चना दाल (1/2 कप, 1 कप पानी में एक घंटे के लिए भिगोएँ)

३:- प्याज 1, मध्यम, बारीक कटा हुआ

५:- अदरक ३० ग्रा,ग्राम

४:- हरी मिर्च

६:- जीरा 1/2 चम्मच (वैकल्पिक)

७:- धनिया 2 टेबलस्पून, बारीक कटा हुआ

तरीका 

1 :- मकई के दाने का एक कप,भीगे हुए चने की दाल, हरी मिर्च अदरक को आधे चम्मच पानी के साथ मिलकर एक मोटा पेस्ट तैयार कर लें 

2:- बचे हुए आधे कप मक्के के दाने को उबाल कर रख लें

3:- पीसे हुए पेस्ट को एक कटोरी में निकाल कर उसमे उबले हुए मकई के दाने, कटी हुई प्याज,धनिया की पत्ती,जीरा और नमक डालकर अच्छे से मिलाएं।  

4:- बने हुए पेस्ट के गोले बनाकर उनको  चिपटा कर ले तथा उनको फ्रीज़ ,में थोड़ी देर लगभग 10 मिनट के लिए रख दें 

5:- दस मिनट के पश्चात फ्रीज़ किये हुए बड़े को निकाल कर रख ले एवं एक कड़ाही में तेल को  गरम करके  उसमे अच्छे से सुनहला होने तक फ्राई करके निकाल लें। 

6 :- आपके बड़े खाने हेतु तैयार है। 

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