सोना हुआ सस्ता 1900 रुपये प्रति 10 ग्राम

पिछले महीने की रिकॉर्ड ऊंचाई से सोने की कीमतें घटकर ₹ 1,900 प्रति 10 ग्राम हो गई हैं

विश्लेषकों का कहना है कि निकट भविष्य में सोने की दरों में कमी हो सकती है ऑनलाइन आवेदन करने वालों के लिए 3,785 प्रति ग्राम पर अगले सप्ताह गोल्ड बॉन्ड सदस्यता के लिए खुल जाएगा

उतार चढाव कितना रहा ?

भारत में सोने की कीमतों ने इस सप्ताह अपना तड़का आंदोलन जारी रखा।शुक्रवार को एमसीएक्स पर सोने का वायदा अनुबंध 0. 106 या 0.28% कम होकर 90 38,090 प्रति 10 ग्राम पर समाप्त हुआ।चांदी भी एमसीएक्स पर  45,500 प्रति किलोग्राम पर 0.1% कम, एक समान प्रवृत्ति दिखाई दी।वैश्विक बाजारों में, सोने की कीमतें 0.32% कम होकर 1,493 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.24% कम होकर 17.57 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई।सोने की कीमतों में पिछले महीने की ₹ 1,900  प्रति 10 ग्राम की गिरावट के साथ लगभग 40,000 की रिकॉर्ड ऊंचाई के साथ, ज्वैलर्स को उम्मीद है कि रिटेल खरीदारी धनतेरस और दिवाली से पहले तेजी पकड़ेगी,उन्होंने फुटफॉल और ड्राइव की बिक्री बढ़ाने के लिए प्रचार प्रस्ताव पेश किए हैं।

वैश्विक स्तर पर क्या रहा प्रदर्शन ?  

वैश्विक इक्विटी सूचकांकों में वृद्धि के साथ सोने की कीमतें पिछले कुछ दिनों से सीमित हैं।  नीचे की ओर, सोने को वैश्विक विकास चिंताओं का समर्थन किया गया है। ब्रेक्सिट और यूएस-चाइना व्यापार सौदे जैसे प्रमुख मुद्दों के बारे में अनिश्चितता से मुद्रा बाजार में अस्थिरता पैदा हो गई है, इस प्रकार डॉलर-मूल्य वाले सोने की कीमत पर असर पड़ रहा है। कोटक सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का कहना है कि सोने में निकट अवधि में चॉपी का कारोबार जारी रह सकता है क्योंकि बाजार आर्थिक आंकड़ों, व्यापार से संबंधित और भूराजनीतिक  विकास पर प्रतिक्रिया करता है। लेकिन विकास की चिंताएं और भू-राजनीतिक  तनाव  नीचे  की  तरफ सोने  को समर्थन देंगे, वे कहते हैं।विश्लेषकों का कहना है कि चांदी में भी चॉपी का कारोबार हो सकता है क्योंकि जोखिम भावना सोने और औद्योगिक धातुओं के मिश्रित व्यापार का परिणाम हो सकती है।कोटक  सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का कहना है,’हम उम्मीद करते हैं कि निचले स्तर पर ब्याज की खरीद होगी क्योंकि वैश्विक विकास चिंताएं सोने की कीमत को बनाए रख सकती हैं।’

आगे की क्या योजना है ?

अगले सप्ताह सदस्यता के लिए सोने के बॉन्ड की एक और किश्त खुलेगी। 2019 -20  सीरीज  सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की VI30 अक्टूबर को जारी होने के साथ 21 से 25 अक्टूबर के बीच सब्सक्रिप्शन से खुलेगी। इन गोल्ड बॉन्ड में न्यूनतम निवेश एक ग्राम है। RBI ने इन बॉन्डों की कीमत  3,835  प्रति ग्राम सोने पर तय की है, ऑनलाइन आवेदन करने वाले निवेशकों को  50  प्रति  ग्राम  की छूट और आवेदन के खिलाफ भुगतान डिजिटल मोड के माध्यम से किया जाता है। ऐसे निवेशकों के लिए, गोल्ड बॉन्ड का निर्गम मूल्य  3,785 प्रति ग्राम सोना होगा। सोने का निर्गम मूल्य भारत के बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा प्रकाशित सप्ताह के अंतिम तीन कारोबारी दिनों की 999 शुद्धता के सोने के औसत औसत समापन मूल्य पर आधारित है, जो सदस्यता अवधि (16 अक्टूबर – 18 अक्टूबर, 2019) से पहले सप्ताह के अंतिम तीन कारोबारी दिनों में होता है।

रिजर्व बैंक द्वारा जारी कैलेंडर के अनुसार, इस वित्त वर्ष में दिसंबर, जनवरी, फरवरी और मार्च में फिर से सदस्यता के लिए सोने के बॉन्ड खुलेंगे। (एजेंसी इनपुट्स के साथ)

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क्या आपने कोई सपना देखा है, कुछ पाने का, कुछ कर दिखाने का ?

मेरे प्यारे दोस्तों मै आज आप सब से इसी विषय पर बात करने वाला हूं, क्या आप सबने कोई सपना देखा है अपने जीवन को बेहतर बनाने का कुछ बड़ा कर जाने का, दुनिया में नाम कमाने का इत्यादि ।

दोस्तो आज से कुछ समय पहले एक बच्चे ने भी क्रिकेटर बनने का सपना देखा था और उसने अपना सपना साकार भी किया, उसने अपने सपने को इतना जिंदादिली से पूरा किया कि सभी लोग उसे क्रिकेट का भगवान मानने लगे, इसी तरह कई ऐसे लोग है जो सपनों को देखते है और पूरा भी करते है पर हम जैसे कुछ लोग अपने सपने को देखते–देखते इस दुनिया से चले जाते है परन्तु उन्हें पूरा नहीं कर पाते है । आखिर ऐसा क्या कारण है ?

सपनों के ना पूरे होने का कारण

आज आप दिन भर लेट कर सोचते रहिए कि जैसे ही शाम हो मुझे बिना किसी मेहनत के 200 रुपए मिल जाए । कितने % चांस है कि आपको मिल जाएंगे ? मेरे हिसाब से तो एक प्रतिशत भी नहीं, अब चलिए मेहनत की तरफ भी बढ़कर देख लेते है आपके पास हुनर है कि आप किसी भी मोटर का पार्ट खोलकर उसे पूरी तरह ठीक करके असेंबल कर सकते है,और इस कार्य के आपको 2000 रुपए प्रतिदिन मिल सकते है, तो आप क्या करेंगे वहीं ना जो आपको दिन के 2000 रुपए दे सके। अब इसमें एक छोटी सी समस्या और भी है, हमें काम कुछ और आता है और हम काम कुछ और करना शुरू कर देते है यानी कि जहां हमें 2000 कमाने वाला काम आता है वहीं हम 200 वाले के पीछे दौड़ते रहते है दौड़ते रहते है और आखिरी में हो जाते है असफल। जरा सोचिए यदि सचिन तेंदुलकर गाड़ी मैकेनिक होता या इंजिनियर होता तो क्या दुनिया उसे उसके नाम से जान पाती या फिर उसको वहीं सम्मान मिलता ?

कैसे करे सही रास्ते का चुनाव

सर्वप्रथम तो यह जानना अति आवश्यक है कि हम कर क्या सकते है, हमारे अंदर कितनी क्षमता है, हमारे पास जो हुनर है उसको हम कितना समय दे पाएंगे ? जिस दिन आप इस चीज को खोज ले गए आपके सफल होने के रास्ते खुल जाएंगे,जीवन का एक ही मंत्र है जिसने खुद को जीत लिया उसने जग को जीत लिया, पहला चरण खुद को जानो और काम पर लगाओ केवल आप ही एक ऐसे व्यक्ति है जो खुद को काम पर लगा सकते है खुद को सही दिशा दे सकते है, खुद के तरीके निकाल सकते है और खुद का रास्ता बना सकते है, दुनिया का हर सफल व्यक्ति खुद के किए नए रास्ते के चुनाव से ही आगे बढ़ा है और बढ़ता ही गया है, बाद में उसके साथ कारवां जुड़ता चला गया और वो व्यक्ति सफलता की ओर बढ़ता चला गया ।

काम कैसे करना है ?

दुनिया में जितने भी लोग है उसमे 99% लोग या तो आलसी है या फिर इतना डरते है कि अपना खुद का व्यापार शुरू करने में उनकी फट जाती है, वो बस एक आरामदायक ज़िन्दगी की तलाश में डूबे रहते है और सोचते रहते हैं कि कब भगवान लॉटरी लगाएगा और मेरी ज़िन्दगी बदल जाएगी । ऐसी भावनाओ को त्याग कर आपको आलस के मुंह पर तमाचा मारना पड़ेगा और तैयार होना पड़ेगा कुछ कर दिखाने के लिए, आप सबसे पहले छोटी सी शुरुआत करे और उसमे अपनी जान लगा दे, ध्यान रहे हर बिजनेस , हर बड़ा काम आपके व्यवहार पर निर्भर करता है आप जो भी करे उसमे गुणवत्ता के साथ साथ भावनात्मक जुड़ाव का भी प्रयत्न रखिए जिससे जो व्यक्ति एक बार आपसे जुड़े वो सदा आपसे ही जुड़कर रहे,

काम के दौरान उतार चढ़ाव को कैसे हैंडल करे ?

यदि काम के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी आ जाती है तो सबसे पहले इसके सॉल्यूशन की तरफ बढ़ना चाहिए , बाद में ऐसा क्यों हुआ इस विषय पर काम करना चाहिए,आखिरी में जिस वजह से ऐसा हुआ उस वजह का बारीकी से अध्ययन करना चाहिए और भविष्य में ऐसी कोई समस्या ना हो इसलिए सजग रहना चाहिए, हम सब के लिए भगवान का वरदान है गुस्सा जिसकी वजह से हम लोग काई बार अपना काफी नुकसान कर देते है और अपनी सारी शक्ति को क्षीण कर लेते है, इसलिए इस गुस्से को संभाल कर रखा जाए तो बेहतर होगा वैसे भी गुस्सा कभी भी लाभ देकर नहीं जाता सदैव हानि ही देता है तो जब भी कभी कोई परेशानी पास फटके तो गुस्से को त्यागकर अपना कार्य निपटाए और सजग रहे ।

(जीवन में सफल वहीं हुआ है, जिसने खुद को जीत लिया ।)

(आशीष कुमार शुक्ला )

गोवा जाने का सही समय

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“प्यारे मित्रों नमस्कार”

आज हम गोवा घूमने के विषय में बात करेंगे, इस ब्लॉग में गोवा घूमने के लिए जरूरी सभी चीजों के बारे में विस्तृत रूप से चर्चा होगी, जैसा की आप सब जानते है कही भी जब घूमने फिरने की बात आती है तो सबसे पहले जेहन में यही सवाल उठता है कि वहां जाने का खर्चा क्या होगा? या फिर वहां कैसे जाया जाए ? और सबसे बड़ी बात वहां रहना और खाना किस प्रकार का होगा? हमारे आज के इस ब्लॉग में हम इन्ही विषयों की वृहद जानकारी आप तक पहुचायेंगे।  

गोवा जाने का सबसे बेहतर समय

वैसे तो गोवा में हर समय रंगत रहती है, सदा ही कलरफुल लोग नजर आ जायेंगे, परन्तु गोवा में ज्यादातर ईसाई संस्कृति का बोलबाला है इसलिए सर्दी के सीजन में गोवा में बहुत ज्यादा भीड़ रहती है और क्रिश्मस एवं नए साल के समय गोवा की महंगाई भी बढ़ जाती है इसलिए यदि गोवा सस्ते में घूमना है और खुद से ही सारी बुकिंग करनी है तो इस समय को भूल जाइये क्योकि छोटे-छोटे होटल भी आपको बहुत महंगे में मिलेंगे।

गोवा घूमने के लिए हम इसे तीन सीजन में विभाजित कर सकते है आइये देखते है हमारे लिए क्या बेहरतर रहेगा।

1:-गर्मी का मौसम

गर्मी के समय में गोवा में बहुत तीव्र गर्मी पड़ती है इसे गोवा का ऑफ सीजन भी कहा जाता है, इस समय गोवा में पर्यटकों का आना बिलकुल कम हो जाता है अगर बात की जाये इस समय में गोवा घूमने की तो गोवा घूमने का यह समय बिलकुल ठीक नहीं है, मार्च से लेकर मई महीने तक गोवा में भीषण गर्मी पड़ती है जिससे बहुत से होटल और फ्लाइट ऑपरेटर अपना किराया सस्ता कर देते है, अगर सस्ते पैकेज की बात करे तो इस समय गोवा का पैकेज भी सस्ता हो जाता है, बजट ट्रैवलर इस समय यहाँ आकर गोवा घूमने का लुत्फ़ उठा सकते है।

2:- बारिश का मौसम

गोवा में मानसून सत्र में बहुत जमकर बारिश होती है, बरसात का मौसम यहाँ मई के दुसरे सप्ताह से अक्टूबर तक रहता है, ऐसे में यदि यहाँ घूमने की बात की जाये तो ज्यादातर होटल के कमरे और फ्लाइट की टिकट सस्ती रहती है, परन्तु असली आनंद नहीं मिल पाता, क्योकि भारी बारिश की वजह से ज्यादातर वाटर एक्टिविटी बंद रहती है, पर यदि आपको प्रकृति से प्रेम है और गोवा में एक अलग तरीके का नजारा लेना चाहते है तो यह समय सबसे बढ़िया है इस समय में आपको बहुत से ऐसे उत्सव देखने को मिल जायेंगे जिससे आपका मन गदगद हो उठेगा,गोवा के आस पास के इलाको में भी आप भ्रमण करके गोवा का आनंद ले सकते है।

३:-विंटर सीजन

गोवा ट्रॉपिकल इलाका होने के कारण यहां बहुत ज्यादा सर्दी नहीं पड़ती है गोवा में सर्दियों में तापमान 20-25 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहता है। गोवा में विंटर सीजन दिसंबर से मार्च तक ही होता है। यह गोवा जाने का सबसे अच्छा समय होता है। मॉनसून खत्म हो चुका होता है और वातावरण में उमस बिल्कुल भी नहीं होती है। दिसंबर में गोवा में नया साल और क्रिसमस मनाने के लिए भीड़ उमड़ पड़ती है। आप विंटर सीजन में सनबर्न फेस्टिवल में भी हिस्सा ले सकते हैं।विंटर सीजन में आप सभी वाटर एक्टिविटी का लुत्फ उठा सकते हैं। हालांकि अगर आप गोवा के कल्चर के दिवाने हैं तो आप गोवा में कभी भी जा सकते हैं यहां हमेशा ही जिंदादिल और कलरफुल लोग दिखाई देंगे। विंटर सीजन में सबसे ज्यादा लोग गोवा आते हैं इसलिए इस दौरान होटल और फ्लाइट टिकट महंगी होती है खासतौर पर नए साल और क्रिसमस के दौरान तो गोवा में होटल मिलते ही नहीं है। अगर आप विंटर सीजन में गोवा जाने का प्लान बना रहे हैं तो उसकी तैयारी लगभग 6 महीने पहले कर लेनी चाहिए क्योकि विंटर सीजन में ज्याद लोगो के रुझान होने के कारण ज्यादार बुकिंग भी नहीं हो पाती हैं, ऐसे में गोवा जाने हेतु 6 महीने तैयारी कर लिया जाए तो बेहतर रहता है।

भुट्टे की सबसे बेहतर रेसिपी “भुट्टा वड़ा” जानदार स्वाद ( by busy Life)

भुट्टा खाना हमारे सेहत की दृष्टिकोण से बहुत ही लाभकारी है,  आजकल हर कोई अपनी बेहतर  सेहत के लिए अलग – अलग तरीके अपनाता है ऐसे में आप सभी के लिए सेहत और स्वाद से  भरपूर भुट्टा वड़ा  की रेसिपी  प्रस्तुत है।  

( Bhutta wada ) By Busylife.co.in

सेहत है तो सबकुछ है 

हमारे दैनिक जीवन में हम कई ऐसे कार्य करते है जो हमारे सेहत को आये दिन नुक्सान पहुंचाते रहते है, हम कभी नहीं चाहते की हम बीमार पड़े या फिर हमें कभी भी दवाई खानी पड़े ऐसे में हमें अपने खान-पान और रहन- सहन पर भी विशेष ध्यान देना पड़ेगा ताकि  हम अपने साथ-साथ अपने परिवार की भी रक्षा और सुरक्षा कर सके।  वैसे तो सेहत को सही रखने हेतु कई सारे तरीके हैं परन्तु आज हम एक नयी चीज पर बात करेंगे जो सेहत और स्वाद के लिए बेहद अच्छी मानी गयी है, तो चलिए शुरू करते है।  

मध्य प्रदेश के लोग ऐसे  बनाते है भुट्टा वड़ा 

सामान 

१:- भारतीय मकई की गुठली (1 कप + 1/4 कप)

२:- चना दाल (1/2 कप, 1 कप पानी में एक घंटे के लिए भिगोएँ)

३:- प्याज 1, मध्यम, बारीक कटा हुआ

५:- अदरक ३० ग्रा,ग्राम

४:- हरी मिर्च

६:- जीरा 1/2 चम्मच (वैकल्पिक)

७:- धनिया 2 टेबलस्पून, बारीक कटा हुआ

तरीका 

1 :- मकई के दाने का एक कप,भीगे हुए चने की दाल, हरी मिर्च अदरक को आधे चम्मच पानी के साथ मिलकर एक मोटा पेस्ट तैयार कर लें 

2:- बचे हुए आधे कप मक्के के दाने को उबाल कर रख लें

3:- पीसे हुए पेस्ट को एक कटोरी में निकाल कर उसमे उबले हुए मकई के दाने, कटी हुई प्याज,धनिया की पत्ती,जीरा और नमक डालकर अच्छे से मिलाएं।  

4:- बने हुए पेस्ट के गोले बनाकर उनको  चिपटा कर ले तथा उनको फ्रीज़ ,में थोड़ी देर लगभग 10 मिनट के लिए रख दें 

5:- दस मिनट के पश्चात फ्रीज़ किये हुए बड़े को निकाल कर रख ले एवं एक कड़ाही में तेल को  गरम करके  उसमे अच्छे से सुनहला होने तक फ्राई करके निकाल लें। 

6 :- आपके बड़े खाने हेतु तैयार है। 

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ज़िंदगी के अलग आयाम

दिन भर काम करके, थक हार कर जब हम घर वापसी करते है तो मन में यही ख़याल आता है कि कुछ देर आराम कर लिया जाए परन्तु तभी उसे याद आता है कि उसने यह कार्य अधूरा छोड़ रखा है उसे पूरा कर ले वरना बड़ा गगड़बड़ हो जाएगा, इसी उधेड़बुन में पूरी ज़िन्दगी निकल जाती है और आखिरी वक़्त में बस यही सोचना रह जाता है कि आखिर क्यों उसने अपनी लाइफ को बिजी रखा, कुछ समय निकालकर जीवन के विशेष पलो का का रसास्वादन कर लेना चाहिए था, पर अब पछताए होत का जब चिडिया चुग गयी खेत वैसे इन सब विषयों पर अधिक चर्चा हेतु ही इस ब्लॉग का जन्म हुआ है वैसे यहाँ पर जीवन के सभी पहलुओं पर चर्चा की जायेगी और इन विषयों पर विशेष ध्यान दिया जायेगा जिससे लोग यहाँ पर जुड़ सके तो चलिए शुरू करते है और आपको फ़्लैश बैक में लेकर चलते है आपके जीवन के कुछ आनंददायक पहलुओं से रूबरू करवाते है जो की आपने अपने बचपन या जवानी में बिताये थे और उनका आनंद लिया था।  

वैसे जरा सोचिये जब आप बचपन में चाय में रोटी डुबो कर खाया करते थे तो क्या स्वाद आता था,यही चीज यदि अब किया जाए तो कैसा लगेगा ?  क्या आप फिर से गिल्ली डंडे के खेल का आनंद लेना चाहेंगे या फिर कंचे की गोली का खेल, इन सभी आयामों को पार करते हुए क्या जब आप अपनी जवानी में प्रेम पत्र लिखकर अपनी प्रियतमा को देने के बाद उसके जवाब का इंतज़ार करते थे तो कैसा अनुभव होता था, धीरे धीरे आप जवानी की दहलीज को पार करते हुए एक जिम्मेदार बाप बने और फिर वहाँ से शुरू हुआ आपके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाला समय धीरे धीरे आपने अपपनी जिम्मेदारियों में फंसकर अपने जीवन का स्वाद लेना बंद  कर दिया  और लग गए अपने जीवन के अखीरी क्षणों को सुधारने में  धीरे धीरे वह क्षण भी आया जब आप अपनी  आखिरी साँस गिन  रहे है और सोच रहे है कि जीवन की व्यस्तता में हमने बहुत से ऐसे पहलुओं पर ध्यान नहीं दिया जिन पर हमें देना चाहिए थे और फिर धीरे धीरे हम सभी इस संसार से विदा ले लेते है और फिर क्या होता है इस बारे में भी जरा गौर कीजिये।  हमारे जाने के बाद हमारी यादे  सिर्फ हमारे परिवार तक सीमित रह जाती हैं या फिर हमारे मोहले या बहुत ज्यादा हुआ तो हमारे शहर वालों तक सीमित रह जाती है।  क्या आप जानते है हमारे द्वारा किये गए कुछ कार्यों से हमें पूरे विश्व में लोगो के दिलो में जगह बनाने का अवसर मिल सकता है।   अभी बने रहिये हमारे साथ और आगे के अपडेट के लिए हमें फॉलो कीजिये।